ईमानदारी की मिसाल - अतिलघु हिन्दी कथा अल्पसंख्यक का दर्जा प्राप्त महाविद्यालय में प्रवक्ता पद हेतु साक्षात्कार थे. सर्वाधिक आर्थिक योगदान करने वाले अभ्यर्थियों को चुन लिया गया. बाकी बचे अभ्यर्थियों के रूपये मध्यस्थ ने वापस लौटा दिये. डॉ शिखा कौशिक नूतन