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राखी - अतिलघु हिन्दी कथा

राखी - अतिलघु हिन्दी कथा मुस्लिम युवा महिला गोद में तीन माह के बच्चे को लिए ठसाठस भरी बस में चढ़ी तो उसकी दुविधामय दृष्टि सीट खोजने लगी. अनेक  युवक व किशोर  ढ़ीठ बने बैठे रहे तभी एक युवक अपनी सीट से  उठा और उससे बैठने का आग्रह किया. उसके हाथ पर राखी बंधी थी. डॉ शिखा कौशिक नूतन 

जिंदगी का नशा - अतिलघु हिन्दी कथा

जिंदगी का नशा - अतिलघु हिन्दी कथा शराबी ड्राइवर की गाड़ी का छोटा सा एक्सीडेंट हो गया जिसमें उसके पैर में चोट आई. एक एम्बुलेंस  में ज्यूं ही उसे बैठाकर उसके चेले सरकारी अस्पताल ले जाने लगे, वो नशेड़ी स्वर में चिल्लाया - गधों देख लेना एम्बुलेंस के ड्राइवर ने कहीं पी ना रक्खी  हो... मरवा न दियो मुझे !!! '-डॉ शिखा कौशिक नूतन

काली सोच - अतिलघु हिन्दी कथा

काली सोच - अतिलघु हिन्दी कथा स्कूल टीचर बच्चों को स्कूल के वार्षिकोत्सव हेतु नृत्य की तैयारी करा रही थी. मीनू सबसे अच्छा नृत्य कर रही थी किंतु उसे दूसरी पंक्ति में स्थान दिया गया क्योंकि उसकी देह का वर्ण काला था. - डॉ शिखा कौशिक नूतन

देशभक्त पत्रकार - अतिलघु हिन्दी कथा

देशभक्त पत्रकार - अतिलघु हिन्दी कथा सोनू ने मोनू से जिज्ञासावश सवाल किया - "मोनू तेरे पापा पिछली सरकार की गलत नीतियों की अपने अखबार में बढ़ चढ़कर आलोचना करते थे पर इस सरकार के कार्यकाल में वे एकदम शांत हैं.. आखिर क्यों?"  मोनू गर्व से मस्तक उठाते हुए बोला - "वे सच्चे देशभक्त हैं!" डॉ शिखा कौशिक नूतन