धैर्यहीन - अति लघुकथा जून 26, 2018 धैर्यहीन - अति लघुकथा तपती धूप में तप रहे जंगल के पेड़ धैर्य न रख पाये और आपस में भिड़ गए. रगड़ से आग लग गयी और सारे पेड़ जल कर राख हो गए. उसी रात तेज मूसलधार बारिश हुई. डॉ शिखा कौशिक नूतन शेयर करें लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप लेबल अतिलघु हिंदी कथा-very short hindi stories शेयर करें लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टिप्पणियाँ
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें