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धैर्यहीन - अति लघुकथा


धैर्यहीन - अति लघुकथा 
तपती धूप में तप रहे जंगल के पेड़ धैर्य न रख पाये और आपस में भिड़ गए. रगड़ से आग लग गयी और सारे पेड़ जल कर राख हो गए. उसी रात तेज मूसलधार बारिश हुई.

डॉ शिखा कौशिक नूतन

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